DJB की 2 रिपोर्ट से पकड़ा गया केजरीवाल का झूठ

6 तारीख की शाम को मनीष सिसोदिया ने कहा था कि पानी के क्षेत्र में खराब परफॉरमेंस के कारण कपिल मिश्रा को हटाया गया क्योंकि इसी कारण पार्टी निगम चुनावों में हार गई।

तबसे अब तक किसी भी तरह से मेरे खिलाफ जल बोर्ड द्वारा रिपोर्ट बनवाने की कोशिशें हुई। खुद मुख्यमंत्री ने CEO से एक रिपोर्ट मांगी की दिल्ली का आधा पानी कहाँ जाता है उन्हें नहीं मालूम। दूसरा नए मंत्री राजेन्द्र गौतम से कहा गया कि पानी के बिलों के बारे में एक रिपोर्ट मेरे खिलाफ बनवा कर लाये। और तीसरा विधानसभा की पेटिशन कमेटी के माध्यम से कोशिश की गई।

आज जल बोर्ड की दो रिपोर्ट आ चुकी है, CM ने जो मंगवाई थी वो भी और राजेंद्र गौतम से जो कहा गया था वो भी। दोनों रिपोर्ट के आने के बाद से केजरीवाल गैंग में हड़कंप हैं। मुख्यमंत्री को यह समझ नहीं आ रहा कि राजेन्द्र गौतम से नाराज हो या खुद से।

DJB की दोनों रिपोर्ट आने के बाद से सार्वजनिक नहीं की जा रही क्योंकि पहली रिपोर्ट सीधे सीधे कहती है कि मुख्यमंत्री का सवाल बचकाना है और शायद उन्हें दिल्ली की समझ नही इसलिए ऐसा सवाल पूछ रहे हैं। रिपोर्ट की भाषा आधिकारिक है पर अर्थ यहीं है।

दूसरी रिपोर्ट से पहले जल बोर्ड ने मंत्री से ही पूछा था कि जहां जहां उन्हें लगता है कि साजिशें हुई वहां के एक दो केस बताये। इस पर राजेन्द्र गौतम फंस गए और रिपोर्ट को ग़ैरसन्तोषजनक घोषित कर दिया।

अब सवाल ये कि अगर सारी जांच और रिपोर्ट ये कह रही है कि केजरीवाल ने उस दिन मनीष सिसोदिया से झूठ बुलवाया तो इसका अर्थ क्या हुआ?

क्या जल बोर्ड की ये दोनों रिपोर्ट सार्वजनिक करने की हिम्मत है केजरीवाल में?

आज एक बात फिर साबित हो गयी, भ्रष्टाचार पर रंगे हाथों पकड़े जाने और ये बात समझ लेने के बाद कि कपिल मिश्रा को चुप नही करा सकते, इसलिए 6 मई की शाम को वो निर्णय लिया गया।

Kapil Mishra

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