जी एस टी के आगमन पर मेरी एक छोटी सी रचना-:

देखो देखो जी एस टी आई
एक देश एक कर कहलाई,,

टैक्स चोरों में देखो आफत आई
आर्थिक आजादी की है अंगड़ाई,,

नयी क्रांति की है यह तरूणाई
युवाओं मे है एक उम्मीद जगाई,,

बौखलाया विपक्ष मौज मे है भाजपाई
मायावती सर पटके और रो रहे सपाई

पागल हुवा केजरीवाल ममता भी पगलाई
लालू राबड़ी मीसा के लिये है आफत लाई,,

पहले जो पार्टीयां थे चोर चोर मौसेरे भाई
आज कह रहे है हम सब चोर भाई भाई,,

मनीष कीकलम से

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