नोट से ही मान मिले

मूड मे आया लिख दिया-:

पैसा ही सब मीत
जग की यही रीत
ना मोह ना माया
धन ही सब काया

ना अपना ना पराया
जितनी भारी है जेब
परिवार ने उसी पर
ही अपार प्रेम लुटाया

बुआ पूछे सैलरी
चाची भी पूछे हाल
कोई सुधि ना लेत है
जब जेब रहे कंगाल

मिश्रा भी सलामी देत
है वर्मा भी करे सम्मान
जेब जितनी वजनी होय
पौरुष उतना ही महान

समय की यही मार है
जीवन का यही सार
नोट से ही मान मिले
प्रेम मिले अपरंपार

बीबी देती रबड़ी है
भाभी खिलावै मलाई
सत्य यही है मान लिया
इसमे ही छिपी भलाई

मनीष की कलम से

Reference- Facebook

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