कल अपना हिसाब ले जाना

ए. आर. रहमान वर्षों से संगीत साधना में इस कदर डूबे हुए थे कि उन्होंने ना कभी टीवी देखा , ना कभी अखबार पढ़ा. दुनिया में , देश में क्या हो रहा है उन्हें कुछ नही पता था. संगीत , संगीत और संगीत .. बस यही उनकी दुनिया थी .

चार दिन पहले कमाल हुआ . जब वो सुबह चाय पी रहे थे तब किसी ने टीवी पर न्यूज़ चालू कर दी .. तभी कोई उन्हें अखबार पकड़ा गया. सालों बाद जब उन्होंने न्यूज़ देखी और पढ़ी तो .. ये क्या ? एक वामपंथी पत्रकार की हत्या हो गई !! उनकी आँखे आश्चर्य से फटी रह गई .

रहमान ने चाय ख़त्म होते ही घोषणा कर दी ..” अब ये देश रहने लायक नही रह गया है.”

तभी उनके असिस्टैंट ने बोला .. ‘सर कुछ महीने पहले आपको मौलवियों से फतवा मिला था तब भी तो ये देश रहने लायक नही था ?’. रहमान ने मुस्कुरा कर उसे बोला … ‘कल अपना हिसाब ले जाना.’

छद्म असहिष्णुता अमर रहे .
Wiriter – Ashish Retarekar.

Reference- Facebook

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