शहर बसाकर, अब सुकून के लिए गांव ढूंढते हैं,

बड़े अजीब लोग हैं, हाथ में कुल्हाड़ी लिये छाँव ढूंढते हैं।

 

जिंदगी…

दोस्तों से नापी जाती है

तरक्की दुश्मनों से…

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