आज रात के बारह बजे से… दो हज़ार….

सोचिये कि शाम आठ बजे अचानक कोई सफ़ेद दाढ़ी वाला सांप्रदायिक व्यक्ति टीवी पर आये और अटक अटक कर बोलना शुरू करे :

मितरों….

आज रात के बारह बजे से…

दो हज़ार….

बस इतने पर तो कईयों को यही सोचकर दिल का दौरा पड़ जाएगा कि शायद दो हज़ार का नोट भी गया ! मगर ऐसा कुछ होने पर घबराइएगा मत | कॉमरेडों आप उनकी पूरी बात सुनियेगा | वो तो बस इतना कह रहे होंगे कि :

मितरों, आज रात के बारह बजे से, दो हज़ार अट्ठारह शुरू हो रहा है | आप सबों को नव वर्ष की बधाई !

Author: admin

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