जनेऊ पहनने के होते हैं नियम, पहने तो जरूर रखें इनका ध्यान

जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के ऊपर तथा दाईं भुजा के नीचे पहनता है। अर्थात इसे गले में इस तरह डाला जाता है कि वह बाएं कंधे के ऊपर रहे। जनेऊ पहनने के होते हैं नियम, पहने तो जरूर

SHIV SHANKAR KO JISNE PUJA shiv bhajan lyrics

Om namah shivaay namo hari om namah shivaay namo Shiv Shankar ko jisne puja uska hi udhdhar hua  – 2 Antkal ko bhawsagar me uska beda par hua Bholeshankar ki puja karo Dhyan charano me iske dharo Shiv Shankar ko jisne puja uska hi udhdhar hua  – 2 Antkal ko bhawsagar me uska beda par

आज बताओ, मै सुन्दर या​ ​तुम अति सुन्दर नारी ?​

🌿💝श्याम एक दिन हँसकर बोले​ ​सुनो राधिका प्यारी,​ ​आज बताओ, मै सुन्दर या​ ​तुम अति सुन्दर नारी ?​ ​असमंजस में पड़ी राधिका​ ​कौन अधिक रुचिकारी​ ​दिन जैसी सफेद उजली मैं​ ​श्याम रात अंधियारी । ​मैं गोरी माखन सी कोमल​ ​श्याम सुरतिया कारी,​ ​पर कैसे कह दूँ मैं प्रियतम​ ​कारी सुरत तिहारी ।। ​हंसकर बोली जगतसुन्दरी​

पहला ऐसा मदरसा है जहां संस्कृत की पढ़ाई कराई जा रही है

एक मदरसा ऐसा भी जहां पढ़ाई जाती है संस्कृत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र कहे जाने वाले गोरखपुर के दारुल उलूम हुसैनिया मदरसा में छात्र-छात्राओं को संस्कृत की पढ़ाई कराई जा रही है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक छात्रा ने बताया, ‘हमें संस्कृत पढ़ना अच्छा लगता है. हमारे टीचर संस्कृत की अच्छे