दुनिया में सबसे ज़्यादा रेप होने वाले देश में अमेरिका तीसरे स्थान पर है।
जी हाँ अमेरिका।
पर क्या कभी आपने एंजलीना जॉली, ड्वेन जॉनसन, आरनॉल्ड, विन डीजल, स्कारलेट आदि को हाथ में पर्चा लेकर बलात्कार के नाम पर अपने ही देश की बेइज्जती करते देखा है??
यकीनन नही देखा होगा।
फिर भारत में क्यों आज ये फिल्मों में पैसे लेकर अपने शरीर की नुमाइश करने वाली और पैसा लेकर नाचने वाले अपने ही देश भारत की वैश्विक स्तर पर बेइज्जती कर रहे हैं??
सच कहता हूँ मुझे ये बात अंदर तक दुःखी कर रही है।
एक बात मैं जानना चाहता हूँ।
क्या ये भारत में कोई पहला रेप हुआ है??
या फिर आज से पहले भारत में अगर कोई रेप हुआ है उसके दोषी को सजा नही मिली।
जी नही।
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार बलात्कार हमेशा से ही अपराध रहा है।
आज से पहले भी बलात्कार हुए हैं और बलात्कारियों को सजा भी मिली है। मिलनी भी चाहिये। बलात्कारी किसी भी सूरत में दया का पात्र नही है।
कठुआ में जो रेप हुआ है वो यकीनन गलत है। सभ्य समाज के नाम पर एक कलंक है। परन्तु अपराधियों को सजा देने का काम कानून का है।
ये जो फ़िल्मी भांड आज तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रहे है अगर वो देश की इस कदर बेइज्जती नही करेंगे तो भी अपराधियों को सजा जरुर मिलेगी और अगर उन्होंने देश की इससे दोगुनी बेइज्जती भी की तो भी अपराधी को जो सजा मिलनी है वो ही मिलेगी।
इस तरह के अनावश्यक प्रदर्शन से और कुछ नही सिर्फ और सिर्फ पैनिक क्रिएट होता है। देश की युवा पीढ़ी जिसके मन में देश के प्रति प्रेम होना चाहिये उनके मन में देश को लेकर हीनभावना घर कर जाती है जो कि घातक है।
वैश्विक स्तर पर देश की इमेज बहुत से पहलुओं में महत्वपूर्ण होती है। विदेशी निवेश, टूरिज्म आदि बहुत से क्षेत्र हैं जहां देश की इमेज ही होती है जो उस देश को आकर्षक बनाती है। और आज इन फ़िल्मी भांडो और भांडनियों द्वारा रेप के विरोध के नाम पर उसी इमेज की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बलात्कार होना बहुत गलत है, ऐसा नही होना चाहिए परन्तु दुर्भाग्य से ऐसा जब भी हुआ है कानून ने अपना काम किया है और दोषियों को सजा भी दी है।
इस केस में भी दोषियों को सजा जरुर मिलेगी।
न्याय होकर रहेगा।
बलात्कारियों को इस देश के कानून के अनुसार हमेशा सजा मिलती है।
ये सच है और इन प्रदर्शन करने वालों को भी ये सच पता है।
और सच जानने के बावजूद भी भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की हद तक का प्रदर्शन करना सिर्फ और सिर्फ इन लोगो की अवसरवादिता को दर्शाता है।
ये अवसर है बलात्कार के नाम पर वर्तमान सरकार को घेरने का। चाहे उसके लिये देश का नाम ही मिट्टी में क्यों ना मिल जाए।
ये अवसर है हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने का।
ये अवसर है देश के युवाओं के मन में अपने ही देश धर्म के प्रति नफरत भरने का।
और इस अवसर का बहुत अच्छे से लाभ उठाया जा रहा है।
पहले सिर्फ सुनता था की हमारे फ़िल्मी actor, atresses अंडरवर्ल्ड के इशारों पर नाचते हैं। पर अब तो विश्वास भी हो गया है। 🙁😖😥😰😓

1 thought on “देश का नाम ही मिट्टी में क्यों ना मिल जाए

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