कल मै ड्राइव करके कहीं जा रहा था तो देखा ..एक मोटरसाइकिल पर चार लोग..!!

एक जवान छोरा, एक लगभग दस बरस का बच्चा, एक अधेड़ महिला और एक लगभग 17-18 साल की बच्ची..!!!

टोल-टैक्स क्रॉस करते ही, चलती मोटरसाइकिल पर बच्ची , एक साइड मे झूल गई..!!

इस से पहले कि मोटरसाइकिल का बैलेंस बिगड़ता, और चारों लोग बेतरतीब गिरते.. महिला ने सोर मचाया..!!

मोटरसाइकिल चलाने वाले ने धीमे कर दी मोटरसाइकिल..!!

जैसे ही, उसने रोड-साइड की , बच्ची धड़ाम से नीचे घास मे गिरी..!!

ये सब देखते हुए…मै उन्हे ऑवरटेक कर रहा था..!!

मैने माजरा समझते देर नहीं की..!! तुरंत ब्रेक लगाए..!!

गाड़ी से पानी की बोतल निकाली..और उतर कर भागा..!!

कहां से आ रहे हो..??

किशनगढ़ से..

किशनगढ़ तो चालीस किमी है..इतनी गर्मी मे…
ये कहते हुए मैने ..महिला को पानी की बोतल पकड़ाई….

इसके सर पर डालो..ठंडा पानी…

लू लगी है इस बच्ची को…!!

और इसका पेट भी खाली होगा…जरूर..??

“हम्बे….कही थी…या से रोटी खाण की..ना खाई”

बच्ची के शरीर से हड्डिया…साफ झलक रही थी..भयंकर रूप से कुपोषित..

पानी सर पर गिरने…से बच्ची होंस मे आई…तब तक एक -दो टोल-टैक्स के कर्मचारी भी आ गए..!!

मैने कहा…एक बोतल भर ला भाई..!! लड़का दौड़ा..!!

सर पर पानी डालते रहो..!!

दूसरी बोतल आई…
अब ..थौड़ा पानी पिलाओ..!!

लड़की मे…अब थौड़ी चेतना आई..!!

अब ऐसा कर..इसे मोटरसाइकिल पर ले जाना ठीक नहीं होगा..इन तीनो को मेरे साथ गाड़ी मे बिठा दे..तू पीछे-पीछे आ .. मोटरसाइकिल लेकर…मै छोड़ देता हूं..!!

सभी के चेहरों पर..हामी थी..!!

उन को बिठा कर..गाड़ी का “ऐ सी” फुल कर दिया..!!

रास्ते मे ..एक जगह मोसम्बी का जूस पिलाया सबको..!!

पच्चीस किमी दूर..उनके गांव छोड़ कर आया..!!

लौटते वक्त…एक अजीब सी खुशी थी..मन मे..!!

वैसे भी… पिछले वर्ष “नागपुर स्टेशन” पर चलती ट्रेन से लटकती महिला को बचाने के बाद , ढेर सारे पाप भी तो कर चुका था..!!

पाप की गिनती ज्यादा है..पुण्य …नगन्य..!!!

लाइफ मे “पाप और पुण्य” बैलेंस करके चलना पड़ता है ना भाई..!!

वरना..“कुम्भीपाक” नर्क मे अपनी सीट तो रिजर्व है ही….🤣

Reference –

Pawan Acharya

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