जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम छपडौर निवासी रामनिधि पाल पिता धनुषधारी पाल उम्र 30 वर्ष अंततः 24 घंटे तक मौत से लड़ने के बाद अपना दम तोड़ दिया। 24 सितंबर की सुबह रामनिधि बिजली के खंभे में जंफर जोड़ने के लिए चढ़ा था, जिससे गिरने की वजह से उसके सिर में गंभीर चोट आई थी, उसका इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां 25 तारीख की सुबह उसने दम तोड़ दिया।। इलाज के लिए उसे जबलपुर लेकर गए युवा सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह घटना पूरे छपडौर गांव के लिए एक सदमे की तरह है। युवा किसान रामनिधि आए दिन अन्य किसानों की मदद हेतु बिजली से संबंधित गड़बड़ियों को दूर करने हेतु सदैव तत्पर रहता था, वह पूरे गांव के लिए निःशुल्क बतौर लाइनमैन कार्य करता था। दिलीप कुमार ने सवाल उठाया है कि आखिर क्यों एक किसान को बिजली के खंभे में चढ़ना पड़ता है,, कौन बिना किसी प्रतिफल के बिजली को छूना चाहता है?? किन्तु यह सब करने को मजबूर है किसान तो सिर्फ और सिर्फ बिजली विभाग में कर्मचारियों की कमी की वजह से। पूरे 15 गांवों के बीच एक अकेला लाइनमैन सरकार की ओर से कार्यरत है, और ऐसा कोई दिन नही होता जब उसके पास काम न हो, ऐसे में अपनी सूखती फसलों को बचाने मजबूर हो किसान खुद खम्भे पर चढ़ता है,, और कभी कभी इसी दौरान मौत को गले लगाता है।। कुछ लोगों के लिए यह कानून विरुद्ध अथवा लापरवाही का मामला हो सकता है किंतु दिलीप कुमार ने बताया कि यह मामला एक किसान की अपनी आर्थिक तंगी और फटेहाल जीवन स्तर को दुरुस्त करने की लड़ाई है,, या तो किसान वह हर रिस्क ले जो उसे उसकी प्रगति हेतु उचित लगता है, अथवा इस सड़े गले सिस्टम को ताकता हुआ अपने बच्चों के भविष्य को भी अपने जैसा बनने दे।। रामनिधि अपने पीछे अपना हंसता खेलता परिवार, मासूम बच्चे, पत्नी, बूढ़े मा बाप को बेसहारा छोड़ गया, आखिर बड़ा बेटा हर घर का पहला चिराग जो होता है।। आज पूरा छपडौर रो रहा है,, और रो रही है उसकी आत्मा जो हमारे बीच नही रही,, और पूंछ रही है हमसे की आखिर कब तक ऐसे ही मासूम बच्चों के सिर से बाप का हाथ उठता रहेगा? कब तक ऐसे किसानों की हमसफर विधवा होती रहेंगी?,, कब तक बूढ़े मा वाप से उनकी आंखों का तारा छिनता रहेगा?? अश्रुपूर्ण श्रीध्धांजलि मेरे यार@ रामनिधि।।

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