सजग-रहो, सचेत रहो

On

यह वही है जो 2014 के पहले भी विरोधी थे 2019 के बाद भी रहेंगे।इनके बारे में क्यों सोचना।पहले हराने के लिये एक-होकर आगे आये।फिर दलितों को भड़काने में लगे,फिर किसानों के भेष में,आगे भी वही तरह-तरह के रूप में आएंगे।विरोधी पार्टियों…

दिल्ली वालों से ही सीख लें

On

काफी पहले की बात है उन दिनों मैं दिल्ली में था।2 जून के दोपहर में पैदल दक्षिणी दिल्ली मे किसी रोड की ओर बढ़ रहा था।उन दिनों इतने पैसे नहीं थे सो पैदल चला जा रहा था। दूर-दूर तक कंक्रीट का जंगल…

फायदे का सौदा है प्रकृति में इन्वेस्टमेंट

On

मनीष चौधरी मेरे बचपन के एक दोस्त है।उन दिनो हम पूरे दिन साथ खेलते रहते थे।प्रायः हम साथ-खाते पीते भी रहते थे।हम उनके साथ उनके गाँव भी चले जाते क्योकि वह बगल में ही था।यह दिखता था कि वह औसत दर्जे से…

वैज्ञानिक प्रतिभा का खजाना है अपना यशार्क

On

यह युवा लड़का(मैट डेमन) एक स्वीपर है।वह दुनिया की सबसे मशहूर महत्वपूर्ण इंस्टीट्यूट में सफाई का काम देखता है। फिजिक्स का नामी विद्वान् प्रोफेसर डेली एक सवाल छोड़ देता है।ब्लैक बोर्ड पर कोई चुपचाप हल कर के चला जाता है।फिजिक्स के इतने…

आईपीएस मैडम के आँसू

On

आईपीएस/आईएएस का आंसू तो जनता के आंसुओं से एक करोड़ गुना महंगा होता है न?फिर शराबियों की पत्नियों की आंसू की भला क्या कीमत। उसे कहाँ बिना जबाबदेही के ग्रेड-1 का पे मिलता है।आंसू तो हमेशा लोकतंत्र के कब्जेदरो की ही कीमत…

तू डाल-डाल वे पात-पात

On

मोदी ने कहा रिश्तेदारों/भाई/भतीजो को सत्ता से दूर रखो तो मंत्रियों ने मॉल काटने का नया रास्ता निकाल लिया।अमूमन देखने में आया है। सत्ता में पहुंच गए भाजपाई पदाधिकारी या मंत्री विभाग बाहरियों को प्रश्रय देते दिखते हैं।उन्हें प्रशिक्षित स्वयंसेवक,भाजपा या संबंधित…

गैंगेस्टरो का खात्मा करेंगे योगी-मोदी!

On

तकरीबन 15 साल पहले एक बार मैं गाड़ी की टंकी फुल कराने गया था। 36 लीटर की टंकी पूरे 45 लीटर पी गई।मैं आज तक नहीं जान पाया ऐसा कैसे हुआ।धीरे-धीरे सब पता लगने लगा।सबसे मजेदार बात जो पता चली की आज…

गुरु-द्रोण हम शर्मिंदा है

On

पूरे महाभारत में मुझे एक पात्र से मुझे अजीब तरह का रिपलसन महसूस होता था,उनका नाम सुनकर भी गुस्सा आता।वह थे द्रोणाचार्य।यह द्रोणाचार्य वह पहले आदमी थे जिन्होंने ट्यूशन प्रथा शुरू की।बचपन से ही कुछ व्यक्तिगत घटनाओं के कारण मुझे ट्यूशन प्रणाली…

मास्टर आफ वैपंस परशुराम थे न्यायिक राज्य के पुनर्स्थापक

On

जब राजा अपने धर्म से च्युत होकर प्रजा,और अन्य जीवों पर अत्याचारी हो जाए तो ऋषियों का तेज ‘मानव एवं जीव,,कल्याण के लिए वाह्य रूप में प्रकट होना आवश्यक है।हरि का अवतार निमित्त है। ‘वृहष्पति, नौ ऋषियो में ही भृगु भी थे।ये…

महाकाली-चेतना बकाया नही रखती

On

”मैं अपनी आंखो से देख रहा हूँ सम्पूर्ण भारत भूमि एक हो चुका है,कटे हुये हिस्से भारत-माँ की संतानों के साथ एक हो चुके है।वर्मा से कंधार तक,श्रीलंका से लेकर तिब्बत तक एक भारत भूमि विश्वगुरु के रूप मे दुनियाँ को मानवता-योग-अमरत्व…

काल पूछेगा इतिहास

On

भारतीय राजनीति मे कभी अरुण नेहरु नाम के एक व्यक्ति थे।1980 में जब जनता पार्टी को इंदिरा जी ने हरा दिया और एक बहुत बड़ी बहुमत लेकर आई, तो उस समय देश भर में अरुण नेहरु को राजनीति का चाणक्य कहा जाने…

प्रोजेक्ट जेसन बॉर्न डिस्ट्राइ

On

अमेरिका मे दो मुख्य पार्टिया है,डेमोक्रेट और रिपब्लिकन।ब्रिटेन मे भी लेबर और कंजरवेटिव्स पार्टी है।फ्रांस मे यूनियन पार्टी और शोषलिस्ट पार्टी है।आस्ट्रेलिया मे लेबर और पीपुल्स पार्टी है।जापान मे लिबरल और कोमितांग है।इटली मे डेमोक्रेटिक और मूवमेट पार्टिया है।कभी कोई जीतता है…

मामला केवल मांस का नही है।

On

योगी सरकार द्वारा अवैध बूचड-खानों पर कानूनी कार्रवाई के बाद आप जो फन-फनाहट,तिलमिलाहट देख रहे है वह केवल एक प्रतीक है।यह पूरे पन्द्रह सौ साल बाद एक जरूरी कदम उठाया गया है।इस बीच हम कितना नुकसान उठा चुके हैं आप कल्पना भी…

हम युगों से एक राष्ट्र हैं!!

On

किसी बनर्जी,कांग्रेसी या अंग्रेज की देन नही!!!” मुस्लिम,अंग्रेज शासक और कांग्रेस की नेहरुआना थाट व् घरानावादी पार्टी पाठयक्रमो,इतिहासकारों,साहित्यकारों,फिल्मकारो के माध्यम से एक कुत्सित लक्ष्य के तहत हमारा आत्म विश्वास भंग करते रहे।उनको यह सिद्द करने के आर्थिक/सत्तात्मक लाभ था कि यह देश…

राष्ट्र,भूमि खो रही है।

On

हिन्दुस्तान मे ही किसी मुस्लिम मोहल्ले के “हिंदू” से पूछिए! ……….जो 47 में हुआ था।राष्ट्र,राज्य की अवधारणा…..को पुष्टि देता हुआ…. हमारे ही व्यक्तित्व को छोटा करता है “जब,हम न समझने का नाटक या “विभ्रम,में होते है कुछ घटने लगता है….! केवल बोलने…

माटी और बाप-दादों की पुकार!

On

कजाकिस्तान यूरेशिया में स्थित एक देश है। क्षेत्रफल के आधार से ये दुनिया का नवाँ सबसे बड़ा देश है। एशिया में एक बड़े भूभाग में फैला हुआ यह देश पहले सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था।मुस्लिम बाहुल्य देश है…उसने अपने कुछ…

त्याग व आदर्शो का युगारम्भ

On

‘जब समाज अपने उद्देश्यों से,अपनी जिम्मेदारियों से,प्रतिबद्धता से,समर्पण से, अलग हट जाए और उसकी सुरक्षा प्रभावित होने लगे तो अध्यात्मिक ऋषियों-सन्यासियों को आगे आकर बीमारी ठीक करना चाहिए।राष्ट्र का संतुलन बनाना उनका दायित्त्व है। जिम्मेदारी के साथ तब तक नेतृत्व संभालना चाहिए…

प्लांटेड खबरों का युग समाप्त हुआ

On

आपको याद है,आडवाणी जी और जिन्ना वाला प्रकरण?आडवाणी जी पाकिस्तान गए थे।वहाँ वह जिन्ना के मकबरे पर चले गए थे।भारत की मीडिया ने खबर चला दी की उन्होने कहा है “जिन्ना ने बड़ा अच्छा काम किया था।वह देश भक्त था,।भारतीय मीडिया ने…

रूपये की बरसात होगी

On

कई शहरों के तमाम हिन्दू मांसाहारी सकते में है।नामी-गिरामी नान-वेजिटेरियन बिक्रेता उन्हें धोखे से भैस-बैल आदि बड़े पशुओं का मांस खिला रहे थे।जब से योगी शासन आया है और अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाई है तब से भैंस और बीफ को लेकर…

सनातन राष्ट्र की अध्यात्मिक शक्ति-कवच

On

स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी अवतरित हुए थे।स्वामी विवेकानंद जी के अलावा भी उनके बहुत सारे दीक्षित शिष्य थे।उन सभी ने देश को बदलनें में महती भूमिका निभाई थी।उनमें से एक अखंडानंदजी थे जो सारगाछी में आश्रम बनाकर रहते थे।कभी विवेकानंद जी ने…