अपने नाम की पर्चियां ढूंढे

कैसे रहें खुश एक बार एक अध्यापक कक्षा में पढ़ा रहे थे अचानक ही उन्होंने बच्चों की एक छोटी सी परीक्षा लेने की सोची । अध्यापक ने सब बच्चों से कहा कि सब लोग अपने अपने नाम की एक पर्ची बनायें । सभी बच्चों ने तेजी से अपने अपने नाम की पर्चियाँ बना लीं और

मेरे अजनबी हमसफ़र

जरूर से जरूर #पढ़ना:- _______ वो ट्रेन के रिजर्वेशन के डब्बे में बाथरूम के तरफ वाली सीट पर बैठी थी… उसके चेहरे से पता चल रहा था कि थोड़ी सी घबराहट है उसके दिल में कि कहीं टीटी ने आकर पकड़ लिया तो..कुछ देर तक तो पीछे पलट-पलट कर टीटी के आने का इंतज़ार करती रही।

नाश्ते की टेबल पर अध्यात्म चर्चा

(मां सुबह से शिवपूजन की तैयारी में व्यस्त है, बेटा कॉलेज और पिता ऑफिस जा रहा है। मां मेरा नाश्ता दे दीजिए और आपको भी तो हमारे साथ ही ऑफिस निकलना है फिर देर क्यों कर रही हो।) मां – ये लो तुम दोनों का फलाहार। बेटा – पापा, एक बात समझ नहीं आयी, एक

बेटा, क्या तुम्हें पता है

एक कहानी ऐसी भी ============ एक बार पिता और पुत्र जलमार्ग से यात्रा कर रहे थे, और दोनों रास्ता भटक गये। वे दोनों एक जगह पहुँचे, जहाँ दो टापू आस-पास थे। पिता ने पुत्र से कहा, अब लगता है हम दोनों का अंतिम समय आ गया है। दूर-दूर तक कोई सहारा नहीं दिख रहा है।

Apne Dil Ki Suno @Akash Saxena

apne sapno ke bich me apni degree mat lao. you can fullfil your dreams. dont think that your education does not match your profession. there are many more examples who has fullfill their dreams. you can do #Akash Saxena.  

कौन है सचमुच का भिखारी

अपनी नई नवेली दुल्हन प्रिया को शादी के दूसरे दिन ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से शाम को रवि लॉन्ग ड्राइव पर लेकर निकला ! गाड़ी बहुत तेज भगा रहा था , प्रिया ने उसे ऐसा करने से मना किया तो बोला-अरे जानेमन ! मजे लेने दो आज तक दोस्तों की गाड़ी चलाई

MOUNTAIN MAN DASHRATH MANJHI@ Akash Saxena.

an inspirational story Dashrath Manjhi (1934 – August 17, 2007 was born into a poor labourer family in Gahlour village near Gaya in Bihar, He is also known as Mountain Man.Dashrath Manjhi’s wife, Falguni Devi, died due to lack of medical treatment because the nearest town with a doctor was 70 kilometres (43 mi) away

डाॅ साहब ने कहा है

लगभग दस साल का बालक राधा का गेट बजा रहा है। राधा ने बाहर आकर पूंछा “क्या है ? ” “आंटी जी क्या मैं आपका गार्डन साफ कर दूं ?” “नहीं, हमें नहीं करवाना।” हाथ जोड़ते हुए दयनीय स्वर में “प्लीज आंटी जी करा लीजिये न, अच्छे से साफ करूंगा।” द्रवित होते हुए “अच्छा ठीक

UDAAN by Akash Saxena

Recognize your power see Dreams and fulfill them , you have power and you can do because You are born to something different in the world#Akash Saxena.

Life Lessons from The Legend Sachin Tendulkar @ Akash Saxena

Best motivational video-‘SECRET OF LIFE & SUCCESS’ – Sachin Tendulkar Inspirational video |Life Lessons | Training and hard work are the aspects that get you anywhere. You, thus, have to work hard-real hard-to metamorphose from a good player to a great one.#Akash Saxena.

motivational video your personality@ Akash Saxena

आपका व्यक्तित्व आपकी सफलता अच्छे व्यक्तित्व का फायदा your personality is your identity your good behaviour is your success#Akash Saxena