मेरे पास उसका पता है

रात के ढाई बजे था, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी, वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था। पर चैन नहीं पड़ रहा था । आखिर थक कर नीचे उतर आया और कार निकाली शहर की सड़कों पर निकल गया। रास्ते में एक मंदिर दिखा सोचा थोड़ी देर इस मंदिर

आज बताओ, मै सुन्दर या​ ​तुम अति सुन्दर नारी ?​

🌿💝श्याम एक दिन हँसकर बोले​ ​सुनो राधिका प्यारी,​ ​आज बताओ, मै सुन्दर या​ ​तुम अति सुन्दर नारी ?​ ​असमंजस में पड़ी राधिका​ ​कौन अधिक रुचिकारी​ ​दिन जैसी सफेद उजली मैं​ ​श्याम रात अंधियारी । ​मैं गोरी माखन सी कोमल​ ​श्याम सुरतिया कारी,​ ​पर कैसे कह दूँ मैं प्रियतम​ ​कारी सुरत तिहारी ।। ​हंसकर बोली जगतसुन्दरी​

कानपुर का जगन्नाथ मंदिर वर्षा की सटीक भविष्यवाणी करता है

उत्तर प्रदेश के औद्यागिक नगर कानपुर में अति प्राचीन भगवान जगन्नाथ का मंदिर सदियों से मानसून की सटीक भविष्यवाणी के लिये आसपास के क्षेत्रों में विख्यात है। जिले में भीतरगांव विकासखंड मुख्यालय के बेहटा गांव में स्थित मंदिर की छत से पानी की बूंद टपकने से क्षेत्रीय किसान समझ जाते है कि मानसून के बादल

तिलक लगाने के बाद चावल के दाने क्यों लगाए जाते है

ये तो आपने अक्सर देखा होगा, कि जब आपके घर में कोई त्यौहार, शादी या पूजा का समय होता है, तो इसकी शुभ शुरुआत व्यक्ति को तिलक लगा कर की जाती है. जी हां ये तो सब को मालूम है कि पूजा के दौरान व्यक्ति को तिलक लगाया जाता है, क्यूकि तिलक लगाना शुभ माना

माता अंजनि के पूर्व जन्म की कहानी

हनुमान जी की माता अंजनि के पूर्व जन्म की कहानी कहते हैं कि माता अंजनि पूर्व जन्म में देवराज इंद्र के दरबार में अप्सरा पुंजिकस्थला थीं। ‘बालपन में वो अत्यंत सुंदर और स्वभाव से चंचल थी एक बार अपनी चंचलता में ही उन्होंने तपस्या करते एक तेजस्वी ऋषि के साथ अभद्रता कर दी थी ।