सजग-रहो, सचेत रहो

यह वही है जो 2014 के पहले भी विरोधी थे 2019 के बाद भी रहेंगे।इनके बारे में क्यों सोचना।पहले हराने के लिये एक-होकर आगे आये।फिर दलितों को भड़काने में लगे,फिर किसानों के भेष में,आगे भी वही तरह-तरह के रूप में आएंगे।विरोधी पार्टियों को एक पूरा-समुदाय सक्रिय कार्यकर्ता रूप में प्राप्त हैं।पटेल बनकर विरोध करने आये,हरियाणा एक समूह के नाम पर आये,कश्मीरी पत्थरबाजो के समर्थक बनकर आये,उप्र में अपराध बढाने आये,सहारन-पुर जातीय लड़ाई कराने आये,मंदसौर में किसान बनकर भी वही है।भड़काएँगे,जगह-जगह अपराध बढ़ाएंगे,हर वह कृत्य करेंगे जिससे मोदी-और यह भाजपा बदनाम हो।इन्हें किसी भी तरह इस सरकार को हटाना है।पहचान लो यह यह वही दंगाई है जो शुरू से राष्ट्रीय समाज की एकता से कुढ़ते है,जन्मजात कौमी-विरोधी हैं।यह वही है जो विभिन्न नाम रखकर प्रोफ़ाइल बनाकर हममें ही मतभेद कराने की कोशिश करते रहते है।यह वही हैं जो स्लीपिंग एजेंट रूप में किसी के लिए भी काम कर सकते है।यह वही है जो काश्मीर में पत्थरबाजो के समर्थक है।अभी और कई रूप लेकर आएंगे।सजग रहो, सचेत रहो।

हमें अच्छी तरह पता है कि यह सदा-सर्वदा के विरोधी है।विकास या देश से इन्हें कभी कोई मतलब नही रहा है।इन्हें हमेशा विरोध ही करना है।भूलना नही उसने कहा था ‘चार साल देश के विकास का काम होगा फिर आख़िरी साल तुम्हे निपटाने की राजनीति होगी।अबकी तुम्हारी यह प्रवृत्ति निपट ही जायेगी।सब आता है अब् हमे भी।साम,दाम दंड भेद.सब कुछ।आशिक की मृतक-यात्रा तरीके से निकलेगी।

 Writer – Pawan Tripathi jee

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