अगर इजराइल चीन की तरह विस्तारवादी होता तो क्या होता ?

इजराइल के खिलाफ भंडास निकालने वालों —
सोचो अगर इजराइल चीन की तरह विस्तारवादी होता तो क्या होता ?

नरेंद्र मोदी के सम्मान में इस्राएली प्रधान मंत्री नेतन्याहू का कहना —
आपका स्वागत है मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी –बड़े बड़े भारत के सेक्युलर 
नेताओं के दिलों में आग लगा रहे हैं –बहुत बेचैन हैं पाकिस्तान और
हमारे कांग्रेस के नेता —

कांग्रेस अब श्रेय लेने की कोशिश कर रही है कि उसके समय में ही
इजराइल को मान्यता दी गई और उनके समय में ही 25 साल पहले
इजराइल के साथ डिप्लोमेटिक सम्बन्ध बनाये गए –कांग्रेस अब ये
भी कह रही है अपने राजकुमार राहुल गाँधी के मुखारबिंद से कि
मोदी कमजोर प्रधान मंत्री हैं -हर तरह से इजराइल के सम्बन्धो को
नकारा जा रहा है और कहा जा रहा है कि फलस्तीन की कीमत पर
इजराइल से दोस्ती नहीं होनी चाहिए —

सब बाते छोड़ कर कांग्रेस इतना बता दे कि आपके शाशन में कोई
प्रधान मंत्री इजराइल क्यों नहीं गया –इजराइल का प्रधान मंत्री खुलेआम
अटल बिहारी वाजपेई के समय में भारत आया था –एरोन शिमोन
और मोदी सरकार के समय वहां के राष्ट्रपति भारत आये थे और हमारे
राष्ट्रपति प्रणब दा इजराइल गए थे —

कांग्रेस और अन्य विपक्ष के नेता एवं आज चीख रहे मुस्लिम नेता ये
भूल जाते हैं कि चीन की तरह कोई विस्तारवादी देश नहीं है –वो
केवल अपने जीने का अधिकार चाहता है जो फलस्तीन उसे नहीं देना
चाहता था —

ये ही नहीं भूलना चाहिए कि अगर इजराइल कोई विस्तारवादी
देश होता तो निश्चित रूप से इजराइल के आस पास कोई
इस्लामिक देश आज मौजूद नहीं होता और इजराइल सब को
निगल जाता —

कांग्रेस को ये भी नहीं भूलना चाहिए कि 1948 में जवाहरलाल
नेहरू ने इजराइल को अलग देश मानने से मना कर दिया था मगर
17 सितम्बर 1950 को 2 वर्ष बाद उसे नेहरू ने मान्यता दी थी पर
राजनितिक सम्बन्ध नहीं बनाये थे –ये भी बता दें कि 17 सितम्बर
1950 को ही नरेंद्र मोदी का जनम हुआ था और नरेंद्र मोदी को
ये नहीं पता होगा कि उस दिन जनम लेने वाला मोदी ही 70 साल
बाद वो प्रधान मंत्री बन कर वहां जाने वाले भारत के पहले प्रधान
मंत्री होंगे –वैसे गुजरात के मुख्य मंत्री रहते हुए वो 8 बार इजराइल
जा चुके थे —

आज विश्व पटल पर इजराइल ऐसा मुल्क है जिससे दोस्ती होना
भारत के लिए गर्व की बात है —

2 आई मिल गए –इंडिया और इजराइल और दोनों एक महाशक्ति
बन गए है जो पाकिस्तान के आतंकवाद को चुनौती देंगे –अब उससे
कांग्रेस का परेशान होना भी स्वाभाविक है —

(सुभाष चंद्र)
05/07/2017

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