वो “लिमका” प्रिंट वाली माचिस

वो “लिमका” प्रिंट वाली माचिस, मैने “सौ” माचिसों के बदले बेची थी..!!

क्यों ना बेचता..??

एक पूरा संडे बरबाद कर दिया था मैने..!!! सुबह को निकला मै, भूख-प्यास को नदारद करता जब शायंकाल घर पहुंचा था तो , साईकिल की “ट्यूब” से कुटाई हुई थी..!!

कोई मजाक था क्या..??

यूंही , थौड़े ना मैने माचिसों के दो घड़े भर दिये थे..!!

बस्स, कुछ ऐसा समझिये कि , द्वापर के किसी महारथी ने दो साम्राज्यों पर एकाधिकार कर लिया हो..!!

फिर, वो कंचो वाला घड़ा भी तो था..!!

सफेद, चांद से दमकते कंंचे के बदले कितने कंचे का सौदा हो सकता है, हमेशा दिमाग इसी उधेड़-बुन मे रहता था..!!

तीन टायर, एक अलग ही “रियासत के युवराज” की फीलींग कराते थे..!!

एक सायकल का, एक मोटरसाईकिल वाला और तीसरा ट्रक का था, या ट्रैक्टर का..ये मेरा बालमन कभी समझ नहीं पाया..!!

मुझे तो वो तभी काम आता था, जब मुझे टायरों की रेस मे बाकि टायरों को गिराना होता था..!!

तब जीवन का एक परम-उद्देश्य लक्ष्य भी तो था..

किसी तरह , वो Y शेप वाली लकड़ी मिल जाये..जिससे मै परफैक्ट “गुलेल” बना सकू्ं…!!! फिर गुलेल के लिये परफैक्ट इलास्टीसिटी वाली रबर का भी तो इंतजाम भी तो करना था..!!

एक रबर मैने , अपनी क्लास मेट का छीन भी लिया था..!! जो हमेशा मेरे पास बैठती थी..!! क्योंकि और कोई उसे पास बैठाने को तैयार नहीं था..!! सफेद चमड़ी वाला रोग जो था उसे..!!

पता नहीं क्या कहतें हैं उस रोग को..??

फिर..धनुष भी एक प्रोजेक्ट होता था..मेरे लिये हमेशा..!!

कीकर, शीषम, पीपल, नीम और ना जाने क्या-क्या लकड़िया इस्तेमाल की मैने..!!

लेकिन एक दिन मुझे परफैक्शन मिल ही गया..!! पता नहीं वो डोरी किस चीज की बनी थी..जो प्रत्यंचा के लिये सर्वोत्तम थी..!!

पूले की एक लकड़ी , बाण बनाकर जो छोड़ी मैने..तो ना जाने कहां गुम हो गई..!!

विश्व के सर्वश्रेष्ठ “धनुर्धर” वाली फीलींग आने लगी थी मुझे..!!

उन्ही दिनो महाभारत भी देख रहा था..!! डर लगा कोई आचार्य द्रोण बनकर कहीं मेरा अंगुठा ही ना मांग ले..!!

पतंगे लूटना, भी तो एक पार्ट टाईम बिन्नस था..!!

पतंग लूटने की परिभाषा सिर्फ इतनी थी..!! लूट कर हमारे हाथ ना लगी..तो किसी ओर के हाथ नहीं लगनी चैये..!!

जैसे धड़कन फिल्म का डायलॉग जहन मे चल रहा हो..!!

“अंजली मै तुम्हे भूल जाऊं,ये हो नहीं सकता,
और तुम मुझे भूल जाओ, यो मै होने नहीं दूंगा”

Writer – Pawan Acharya

Reference – Facebook

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