Kapil Mishra on 5 Years of AAP

आज 5 साल बाद कहाँ खड़े है हम,ये कहाँ आ गए हम…

Kapil Mishra writes blog post –

“आम आदमी पार्टी” से लेकर “चार आदमी पार्टी” तक आ गए

“संतोष कोली” से चले थे “अमानतुल्ला खान” पर आ गए

“चिदंबरम भ्रष्टाचारी है” से लेकर “चिदंबरम मेरा वकील है” तक

“नेता नहीं नौकर” से लेकर “हम दिल्ली के मालिक है” तक

“कार्यकर्ताओं की सरकार बनाएंगे” लेकर “सगी बेटी को नौकरी देने तक”

“आम आदमी सब कुछ कर सकता है” से लेकर “हमारे हाथ मे कुछ नहीं”, “हमें कोई काम नहीं करने देता तक”

“जनता के पैसों” से लेकर “हावला के चंदे” तक

“पदयात्रा” से लेकर “सैकड़ो विदेश यात्राओं” तक

“भ्रष्टाचार से लड़ने वाले नोटबंदी को गलत बताने लगे

भारत माता की जय कहने वाले सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने तक

“मोहल्ला सभा” के लिए आये थे और “राज्यसभा” के लिए लड़ने लगे

“बिजली पानी” पर सरकार बनाने वाले “चाय पानी” पर अटक गए

“शीला को हराने” से लेकर “लालू को गले लगाने” तक

“सगे बच्चे भी भ्रष्टाचार करेंगे तो माफी नही” से लेकर “अपने साढू को ठेका और फ़र्ज़ी बिल देने तक”

“कुमार विश्वास” से चले थे और “आशुतोष” पर आ गए

लड़ना था “करप्शन” से, लड़ने लगे “EVM” से

“कलेक्टिव लीडरशिप” से लेकर “वन मेन फ्लॉप शो” तक

“इंडिया अगेंस्ट करप्शन” से लेकर “इंडियन मुस्लिम लीग” बन जाने तक

आंदोलन की हत्या करके उसकी लाश सजाए बैठे है

कुछ लोग अब भी केजरीवाल से आस लगाए बैठे है

आज भी चिपके खड़े हैं कुर्सियों से जिन्होंने खुद के लिए सपना बुना है

मुझे देश और केजरीवाल में से एक को चुनना था

मैंने अपना देश चुना हैं। हमने अपना देश चुना है।

– कपिल मिश्रा (आम आदमी पार्टी के पांच साल होने पर लिखी कविता)

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