आज के अदालतों के हालात

एक सत्य घटना –बहुत कुछ कहती है –
समझने की जरूरत है आज के अदालतों के हालात पर –

ये एक सत्य घटना है जो मैं लिख रहा हूँ –ये घटना उस दिन
की है जिस दिन मोदी ने नोट बंदी की घोषणा की थी —

मेरे एक मित्र दिल्ली में रहते हैं –उस रात नोट बंदी का
ऐलान होने के बाद उनके पड़ोस के एक घर में मोमबत्तियां
जल रही थीं –

मेरे मित्र की पत्नी ने पड़ोस की उस महिला से पूछा जिसने
मोमबत्तियां जलाई थीं कि आज क्या बात है –आज तो कोई
त्यौहार भी नहीं है –फिर मोमबत्तियां क्यों जलाई हैं –

पड़ोसन ने ख़ुशी से कहा –जय जय मोदी जी –क्या किया
मोदी जी ने जो आप मोदी की जय जय कर रही हो –

पड़ोसन ने बड़ी ख़ुशी से कहा –मेरा जेठ एक कोर्ट में जज
है, आज बहुत ख़ुशी हुई देख कर उसकी नोटों की बोरियां
मिटटी हो गईं – मोदी जी ने कमाल कर दिया –यानी वो लेडी
अपने पति के भाई की बर्बादी का जश्न मन रही थी मोमबत्तियां
जला कर –

अब समझने की जरूरत ये है कि ना जाने कितने जज भी
नोट बंदी में बर्बाद हुए होंगे –कुछ कह तो सकते नहीं —
बस सरकार के खिलाफ फैसले ही दे सकते हैं, ये हो सकता
है -मोदी जी इसीलिए कहते हैं जिनके हेराफेरी के धंधे बंद
हो गए सरकार के कामों से वो मोदी का साथ देंगे क्या ?

आपको याद होगा सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक बेंच बनाई हुई
है नोट बंदी की सीमा बढ़ाने के लिए –समझ सकते हो क्यों ?

(सुभाष चन्द्र)
(22/12/2017)

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: