एक टीवी वाली और दूसरी असली वाली

इनबॉक्स में प्रेषित की गई शुभकामनाओं के लिये सभी मित्रों को धन्यवाद और शुक्रिया…. आगे समाचार ये है कि दिल्ली में ITO से लेकर कनॉट प्लेस और मंडी हाउस से लेकर नोयडा तक लगे जाम की वजह से सुदूर प्रदेशों में रहने वाले रिश्तेदारों ने टीवी पर न्यूज़ देख देखकर ये जानने के लिये लगातार फोन किये कि .. मैं कहीं जाम तो नही फँसा हूँ . मैंने सबको यही समझाया कि जहाँ जाम लगा है उधर तो मेरा कोई काम ही नही होता , 40 किलोमीटर दूर हूँ वहाँ से .

भला हो इन टीवी न्यूज़ चैनल वालों का जिन्होंने दिल्ली में रहने वाले सभी लोगों को ‘सेलिब्रिटी’ बना दिया है . बताता हूँ कैसे ! कोलकाता या लखनऊ में भूकम्प आ जाये किसी को कोई फर्क नही पड़ता लेकिन दिल्ली के आसपास हल्का सा भी भूकम्प आ जाये , न्यूज़ चैनलो के नोयडा वाले दफ्तर में भूकम्प से पानी का गिलास या पंखा भी हिल जाये तो वो नेशनल न्यूज़ बन जाती है . फिर रात के 10 बजे हो या 12 .. रिश्तेदारों के फोन आने लगते है … ‘अरे तु ठीक तो है ? दिल्ली में भूकम्प आया है ? ज्यादा तेज था क्या ? … इधर से मेरा जवाब यही होता है .. हमें तो पता ही नही चला . न्यूज़ लगाकर देखता हूँ 😂.’

दिल्ली में गर्मी बढ़ जाये या लू चल जाये तो .. टीवी पर वही छायी रहती है . फिर आई और दूसरे रिश्तेदार फोन पर गर्मी और लू से बचने के तरीके बताने लगते है . बेचारे राजस्थान में गर्मी से झुलसते लोग दिल्ली के इन नखरों से और जल जाते होंगे .

कश्मीर – शिमला में बर्फबारी होती है तब दिल्ली में ठंड बढ़ती है . दिल्ली से ज्यादा ठंड तो पंजाब , हिमाचल और हरियाणा में होती है .. यहाँ तक कि ग्वालियर और जयपुर में भी दिल्ली के बराबरी की ही ठंड पड़ती है . लेकिन नखरे सिर्फ दिल्ली के ही उठाये जाते है . दूर लद्दाख और सियाचिन में ज़ीरो डिग्री पर ठंड से ठिठुरता बंदा भी जब न्यूज़ देखता होगा तो खुद को खुश्किस्मत समझता होगा कि .. ‘अच्छा है वो दिल्ली में नही है .. नही तो मर ही जाता .😂😂

बारिश भी जो दो चार दिन होती है दिल्ली में उसे भी न्यूज़ चैनल वाले ऐसे कवर करते है कि चेरापूंजी भी शर्म से डूब मरे … और आखिर में असली टशन तो पॉल्यूशन का है . इतना खौफ भर दिया लोगों में और इतनी ज्यादा कवरेज दे दी मीडिया ने कि .. पिछले दिनों जब पैरामीटर पर स्मॉग बढ़ा हुआ था तब मुझे फोन पर सलाह दी गई कि .. ‘हालत तो बहुत खराब है दिल्ली की . तु दो तीन छुट्टी कर ले . घर में रह.’ मैंने हँसकर यही कहा कि .. ‘यहाँ दो दिल्ली है ..एक टीवी वाली और दूसरी असली वाली . कुछ नही हो रहा किसी को .आप टेंशन फ्री रहो .’

दिल्ली के आगे हिंदुस्तान और भी है … ये बात न्यूज़ चैनल वालों को समझ नही आती .
Ashish Retarekar

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