इंसान का मन चाहता कुछ और है,, बोलता कुछ और है ….???

बहुत साल पहले, एक व्यक्ति मेरे पास आये और बोले कि साहनी जी,, मुझे कुछ ऐसी टेक्निक सिखा दो, जिससे मैं किसी इंसान को पढ़ सकू , जान सकू, कि वो इंसान कैसा है?? क्या है ?? मुझे पता है कि आप लोगो को बहुत जल्दी पढ़ लेते हो ,,, ये कला आप के पास … Read more

एक विद्वान साधु

एक विद्वान साधु थे जो दुनियादारी से दूर रहते थे। वह अपनी ईमानदारी,सेवा तथा ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे। एक बार वह पानी के जहाज से लंबी यात्रा पर निकले। उन्होंने यात्रा में खर्च के लिए पर्याप्त धन तथा एक हीरा संभाल के रख लिया । ये हीरा किसी राजा ने उन्हें उनकी ईमानदारी से … Read more

“वो” देख रहा है

एक दिन सुबह सुबह दरवाजे की घंटी बजी । दरवाजा खोला तो देखा एक आकर्षक कद- काठी का व्यक्ति चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान लिए खड़ा है ।* *मैंने कहा, “जी कहिए..”* *तो उसने कहा,* *अच्छा जी, आप तो रोज़ हमारी ही गुहार लगाते थे,* *मैंने कहा* *”माफ कीजिये, भाई साहब ! मैंने पहचाना नहीं, … Read more

नमस्‍ते कितना वैज्ञानिक

  विश्‍व के अधिकांश देशों में जहां लोग एक दूसरे से मिलने पर हैंडशेक करते हैं वहीं भारत में अभी भी लोग नमस्कार का ही प्रयोग करते हैं। नमस्कार शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के *नमस* शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है एक आत्मा का दूसरी आत्मा से आभार प्रकट करना। नमस्‍कार करने का … Read more

क्या देवता भोग ग्रहण करते हैं?

क्या देवता भोग ग्रहण करते हैं? हिन्दू धर्म में भगवान को भोग लगाने का विधान है पर क्या सच में देवतागण भोग ग्रहण करते हैं? हां, ये सच है शास्त्र में इसका प्रमाण भी है गीता में भगवान् कहते है “जो भक्त मेरे लिए प्रेम सेपत्र, पुष्प, फल, जल आदि अर्पण करता है ,उस शुद्ध … Read more

जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है।

जिस वक़्त जीना गैर मुमकिन सा लगे, उस वक़्त जीना फर्ज है इंसान का, लाजिम लहर के साथ है तब खेलना, जब हो समुन्द्र पे नशा तूफ़ान का जिस वायु का दीपक बुझाना ध्येय हो उस वायु में दीपक जलाना धर्म है। ● हो नहीं मंजिल कहीं जिस राह की उस राह चलना चाहिए इंसान … Read more

तो दुनिया उन पर हंस रही थी

जब *सनातनी* एक दूसरे को हाथ जोड़ कर नमस्ते कर रहा था तो दुनिया उन पर हंस रही थी। जब *सनातनी* हाथ पैर धोकर घर मे घुसता था तो दुनिया उन पर हंसती थी। जब *सनातनी* जानवरों की पूजा कर रहे थे तब दुनिया उन पर हंस रही थी। जब *सनातनी* पेड़ों और जंगलों को … Read more

मंदिर जाने के 36 ठोस वैज्ञानिक फ़ायदे

  👉 मंदिर में कदम रखते ही हमे ईश्वर का भक्ति के अलावा कई चौमुखी लाभ मिलते है जिनका विवरण नीचे की पंक्तियों मे किया गया है। 👉 मंदिर जाने हमारा सुबह ब्रह्म महुर्त में जगने का नियम बनता है और हम उठते ही अपने नित्य कर्म जैसे उषापान, शौच, दन्त धावन, स्नान आदि से … Read more

नास्तिक कैसे होते हैं?

सामान्यतः जो व्यक्ति ईश्वर, परलोक और कर्म फल के नियम पर विश्वास नहीं करता उसे नास्तिक कहा जाता है। जो लोग निरंकुश होकर सिर्फ भौतिकतावाद और अपना सुख और स्वार्थ साधने में लगे रहते हैं , वास्तव में वही नास्तिक होते हैं। ऐसे लोगों की मान्यता एक प्रसिद्ध कहावत से समझी जा सकती है- ”लूटो … Read more

आदि शक्ति माता आराधना के ५१ शक्ति पीठ

आदि शक्ति माता आराधना के ५१ शक्ति पीठ माता की आराधना के ५२ शक्ति पीठ, दर्शन मात्र से होती है हर मनोकामना पूरी आमतौर पर ५१ शक्ति पीठ माने जाते हैं। तन्त्र चूड़ामणि में लगभग ५२ शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है । देवी भागवत पुराण में 108, कालिका पुराण में छब्बीस, शिवचरित्र … Read more