मूर्खता से लबरेज हिंदुस्तानी, हर काल में अपने ही से हारे हैं

एक मित्र जो कुछ वर्षों तक हांगकांग में रहे, *अपना अनुभव बता रहे थे।* वहां करीब एक वर्ष बीतने पर उन्हें लगा कि वहां के लोग उनसे कुछ दूरी बनाए…
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लक्ष्मीजी की अंगूठी

*लक्ष्मीजी की अंगूठी* एक निर्धन व्यक्ति था। वह नित्य भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करता। एक बार दीपावली के दिन भगवती लक्ष्मी की श्रद्धा-भक्ति से पूजा-अर्चना की। कहते हैं…
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दो सत्य कथाएं ; पढ़ने के बाद आप सब भी अपनी ज़िंदगी जीने का अंदाज़ बदल देंगे

*पहली*कथा* 💫दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद एक बार नेल्सन मंडेला अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ एक रेस्तरां में खाना खाने गए। सबने अपनी अपनी पसंद का खाना आर्डर…
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हिन्दी वर्णमाला का क्रम से कवितामय प्रयोग-बेहतरीन है

यह कविता जिसने भी लिखी प्रशंसनीय है। हिन्दी वर्णमाला का क्रम से कवितामय प्रयोग-बेहतरीन है। *अ* चानक *आ* कर मुझसे *इ* ठलाता हुआ पंछी बोला *ई* श्वर ने मानव को…
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भोजन के विषय में कुछ सूत्र याद रखें

1. *एक साथ न खायें-* चाय के साथ कोई भी नमकीन चीज नहीं खानी चाहिए।दूध और नमक का संयोग सफ़ेद दाग या किसी भी चर्म रोग को जन्म दे सकता…
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क्रोध मत करो

*क्रोध मत करो* एक गांव में एक बूढ़ा अपनी चौपाल पर बैठा बैठा लोगों को समझाया करता था कि यदि जीवन में सुखी और सफल होना चाहते हो तो कभी…
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