एक सेक्युरिटी गॉर्ड

अभी सोसायटी में घुसते हुए एक पतले-दुबले मरे से सिक्यरिटी गार्ड से मज़े लेने का मन हो गया..

अबे ये बता..

अगर डाकू आ गए तो बचा लेगा ना..?

डाकू यहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगे.. गेट पर तगड़ी सेक्यूरिटी है..

अगर दिवार कूद कर आ गए तो..?

जान लगा दूँगा..!!

मैं उसकी आँखों में देख रहा था..अहसास हो गया ..
ये अपनी आत्मा से बोल रहा है..

जान लगा देगा..?

ठाकुर हैं हम..लास के पार ही जा सकेगा कोई..

मैं हिल गया..!!

इस बार मैं उसकी आँखों में चाह कर भी देख नहीं पाया..!

मैने सब्जेक्ट चेंज करने के बहाने पूछा..

प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बन रहा है..दर्शन करने जाएगा.?

ज़रूर जाऊँगा..

परिवार समेत..?

नहीं..अकेला..!

अकेला क्यों..?

परिवार में कोई है ही नहीं..

मतलब..?

माँ-बाप मर गए..!

तो पाला किसने.?

मौसा-मौसी ने..!

प्यार से..?

हाँ..बहुत प्यार से ..इतना बड़ा कर दिया..

अब..?

अब ..कुछ कर के दिखाऊँगा..

मैने कहा..

प्रभु श्री राम देख रहे हैं..

मैं चल दिया….

——पवन आचार्य जी की फेसबुक timeline से

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