ओ३म् के उच्चारण के शारीरिक लाभ

*ओ३म् के उच्चारण के शारीरिक लाभ* कुछ लाभ नीचे दिए जाते हैं 1. अनेक बार ओ३म् का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनावरहित हो जाता है। 2. अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ओ३म् के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं। 3. यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव … Read more

घर में शंख हो तो इन 8 बातों का ध्यान रखें

*घर में शंख हो तो इन 8 बातों का ध्यान रखें* हिंदू धर्म में शंख को घर में रखना बहुत शुभ माना गया है। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है। घर में रखे शंख के विषय में ये 8 बातें ध्यान रखने पर उससे प्राप्त होने वाली शुभता में वृद्धि होती है। जानते हैं शंख के बारे … Read more

एक मां की ममता प्रभुसत्ता को चुनौती दे रही थी।

एक औरत रोटी बनाते बनाते *”ॐ भगवते वासूदेवाय नम: “* का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही…। एकाएक धड़ाम से जोरों की आवाज हुई और साथ मे दर्दनाक चीख। कलेजा धक से रह गया जब आंगन में दौड़ कर झांकी तो … Read more

9 मसाले कौन कौन से है और ये किस प्रकार ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते है व इनके पीछे छिपी वैज्ञानिकता क्या है ?

🍚 *1. नमक (पिसा) – सूर्य* 🌶 *2. लाल मिर्च (पिसी) – मंगल* 🧀 *3. हल्दी (पिसी) – गुरु* 🌯 *4. जीरा (साबुत या पिसा )- राहु केतु* 🌯 *5. धनिया (पिसा) -बुध* 🌚 *6. काली मिर्च – शनि* 🥗 *7. अमचूर (पिसा) – केतु* 🍲 *8. गर्म मसाला (पिसा )- राहु* 🍲 *9. मेथी … Read more

क्वारंटाइन यानि सूतक

जिस पुरुष, स्त्री, घर में सूतक होता है वे अन्य व्यक्तियों को स्पर्श नहीं करते हैं। कोई भी धर्मकृत्य अथवा मांगलिक कार्य नहीं करते हैं तथा सामाजिक कार्य में भी सहभागी नहीं होते हैं। अन्यों की पंगत में भोजन नहीं करते हैं । ‘सूतक’ का भारतीय संस्कृति में आदिकाल से पालन किया जा रहा है। … Read more

होलिका की बात करते हैं

होली नज़दीक है तो होलिका की बात करते हैं:- भारत कृषी प्रधान देश है ,वैदिक भारत में जब फाल्गुन मास में फसल कटके आती थी तब आर्य घरों में उस फसल को सर्व प्रथम अग्निदेव को अर्पित करते थे जिसे होली या होरी कहते हैं । आज भी होलीमें धान्य अग्निको अर्पित किया जाता है … Read more

बहरा है तो कथा सुनने क्यों आता है ?

*एक संत के पास बहरा आदमी सत्संग सुनने आता था, उसके कान तो थे पर वे नाड़ियों से जुड़े नहीं थे, एकदम बहरा, एक शब्द भी सुन नहीं सकता था।* *किसी ने संत श्री से कहाः”बाबा जी ! वे जो वृद्ध बैठे हैं, वे कथा सुनते सुनते हँसते तो हैं पर वे बहरे हैं।”* *बहरे … Read more

एक लोटा गंगा जल

एक बार एक साधु देवनदी गंगा जी के किनारे रामायण से सत्संग कर रहे थे, तो उन्होंने एक चौपाई बोली- *ईश्वर अंश जीव अविनाशी ।* *चेतन अमल सहज सुखराशी ॥* तो सत्संग सुनने वालों में से एक व्यक्ति ने आगे आकर उन साधु से कहा ,” महाराज ! ईश्वर तो सर्वज्ञ है, सर्वशक्तिमान है और … Read more

सच्चा संत

एक संत थे बड़े निस्पृह, सदाचारी एवं लोकसेवी।जीवन भर निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई में लगे रहते। एक बार विचरण करते हुए देवताओं की टोली उनकी कुटिया के समीप से निकली। संत साधनारत थे, साधना से उठे, देखा देवगण खड़े हैं।आदरसम्मान किया, आसन दिया। देवतागण बोले,“आपके लोकहितार्थ किए गए कार्यों को देखकर हमें प्रसन्नता … Read more