भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की यह छोटी-सी कहानी

  एक बार गौतम बुद्ध किसी नगर से गुजर रहे थे। उस नगर के लोगों की गौतम बुद्ध के बारे में गलत धारणा थी जिस कारण वे बुद्ध को अपना दुश्मन मानते थे। जब गौतम बुद्ध उस नगर में आए तो लोगों ने बुद्ध को भला-बुरा कहा और बददुआएं देने लगे। गौतम बुद्ध उनकी बातें … Read more

गुमनाम नायक शंभूनाथ

गुमनाम नायक “सन 1817” 1817 में विश्व में एक नई बीमारी ने दस्तक दी। नाम था “ब्लू डेथ” ब्लू डेथ यानि “कॉलेरा” जिसे हिंदुस्तान में एक नया नाम दिया गया……..”हैजा”। हैजा विश्व भर में मौत का तांडव करने लगा और इसकी चपेट में आकर कर उस समय लगभग 1,80,00,000(एक करोड़ अस्सी लाख) लोगों की मौत … Read more

किस्सा रफ कापी का

  हर सब्जेक्ट की कापी अलग अलग बनती थी, परंतु एक कापी ऐसी थी जो हर सब्जेक्ट को सम्भालती थी। उसे हम रफ कापी कहते थे। यूं तो रफ कापी का मतलब खुरदुरा होता है। परंतु वो रफ कापी हमारे लिए बहुत कोमल होती थी। कोमल इस सन्दर्भ में कि, उसके पहले पेज पर हमें … Read more

धैर्य और उत्साह

*विपरीत परिस्थितियों का सामना धैर्य और उत्साह से करना चाहिए।*   कुछ दिनों से उदास रह रही अपनी बेटी को देखकर माँ ने पूछा , ” क्या हुआ बेटा , मैं देख रही हूँ तुम बहुत उदास रहने लगी हो, सब ठीक तो है न ?”   बेटी ने रुआंसे होते हुए कहा, ” कुछ … Read more

थौड़ा समय निकाल कर एक बार देख लेते

कल सुबह से ही एक मशीन ने परेशान कर रखा था..!! अब जाकर ठीक हुई..!! मै दरअसल हथौड़ा छाप इंजिनियर हूं, मैकेनिकली बहुत स्ट्रॉंग… लेकिन करत-करत अभ्यास के कम्पयूटराईज्ड, PLC मशीनो के सिस्टम फॉल्ट्स से भी उलझ लेता हूं..!! खैर.. यहां बात कुछ ओर है.. 2014 मे जब गुड़गांव की एक कंपनी मे काम करता … Read more

रिक्शे वाला

Ek बार एक अमीर आदमी कहीं जा रहा था। रास्ते में उसकी कार ख़राब हो गई। उसका कहीं पहुँचना बहुत जरुरी था। उसको दूर एक पेड़ के नीचे एक रिक्शा दिखाई दिया। वह उस रिक्शा वाले के पास गया। रिक्शा वाला अपना पैर हैंडल के ऊपर रखे था। पीठ सीट पर थी और सिर जहाँ … Read more

एक लोटा गंगा जल

एक बार एक साधु देवनदी गंगा जी के किनारे रामायण से सत्संग कर रहे थे, तो उन्होंने एक चौपाई बोली- *ईश्वर अंश जीव अविनाशी ।* *चेतन अमल सहज सुखराशी ॥* तो सत्संग सुनने वालों में से एक व्यक्ति ने आगे आकर उन साधु से कहा ,” महाराज ! ईश्वर तो सर्वज्ञ है, सर्वशक्तिमान है और … Read more

सच्चा संत

एक संत थे बड़े निस्पृह, सदाचारी एवं लोकसेवी।जीवन भर निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई में लगे रहते। एक बार विचरण करते हुए देवताओं की टोली उनकी कुटिया के समीप से निकली। संत साधनारत थे, साधना से उठे, देखा देवगण खड़े हैं।आदरसम्मान किया, आसन दिया। देवतागण बोले,“आपके लोकहितार्थ किए गए कार्यों को देखकर हमें प्रसन्नता … Read more

कचरा गाड़ी

एक दिन एक आदमी टैक्सी से एअरपोर्ट जा रहा था। टैक्सी वाला कुछ गुनगुनाते हुए बड़े इत्मिनान से गाड़ी चला रहा था कि अचानक एक दूसरी कार पार्किंग से निकल कर रोड पर आ गयी, टैक्सी वाले ने तेजी से ब्रेक लगायी, गाड़ी स्किड करने लगी और बस एक -आध इंच से सामने वाली कार … Read more