एक लोटा गंगा जल

एक बार एक साधु देवनदी गंगा जी के किनारे रामायण से सत्संग कर रहे थे, तो उन्होंने एक चौपाई बोली- *ईश्वर अंश जीव अविनाशी ।* *चेतन अमल सहज सुखराशी ॥* तो सत्संग सुनने वालों में से एक व्यक्ति ने आगे आकर उन साधु से कहा ,” महाराज ! ईश्वर तो सर्वज्ञ है, सर्वशक्तिमान है और … Read more

सच्चा संत

एक संत थे बड़े निस्पृह, सदाचारी एवं लोकसेवी।जीवन भर निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई में लगे रहते। एक बार विचरण करते हुए देवताओं की टोली उनकी कुटिया के समीप से निकली। संत साधनारत थे, साधना से उठे, देखा देवगण खड़े हैं।आदरसम्मान किया, आसन दिया। देवतागण बोले,“आपके लोकहितार्थ किए गए कार्यों को देखकर हमें प्रसन्नता … Read more

कचरा गाड़ी

एक दिन एक आदमी टैक्सी से एअरपोर्ट जा रहा था। टैक्सी वाला कुछ गुनगुनाते हुए बड़े इत्मिनान से गाड़ी चला रहा था कि अचानक एक दूसरी कार पार्किंग से निकल कर रोड पर आ गयी, टैक्सी वाले ने तेजी से ब्रेक लगायी, गाड़ी स्किड करने लगी और बस एक -आध इंच से सामने वाली कार … Read more