अंतिम दौड़

बहुत समय पहले की बात है एक विख्यात ऋषि गुरुकुल में बालकों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। उनके गुरुकुल में बड़े-बड़े राजा महाराजाओं के पुत्रों से लेकर साधारण परिवार के लड़के भी पढ़ा करते थे। वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और सभी बड़े उत्साह के … Read more

जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है।

जिस वक़्त जीना गैर मुमकिन सा लगे, उस वक़्त जीना फर्ज है इंसान का, लाजिम लहर के साथ है तब खेलना, जब हो समुन्द्र पे नशा तूफ़ान का जिस वायु का दीपक बुझाना ध्येय हो उस वायु में दीपक जलाना धर्म है। ● हो नहीं मंजिल कहीं जिस राह की उस राह चलना चाहिए इंसान … Read more

तो दुनिया उन पर हंस रही थी

जब *सनातनी* एक दूसरे को हाथ जोड़ कर नमस्ते कर रहा था तो दुनिया उन पर हंस रही थी। जब *सनातनी* हाथ पैर धोकर घर मे घुसता था तो दुनिया उन पर हंसती थी। जब *सनातनी* जानवरों की पूजा कर रहे थे तब दुनिया उन पर हंस रही थी। जब *सनातनी* पेड़ों और जंगलों को … Read more

बहुत पुरानी बात है, एक नगर मे महामारी आने वाली थी

*बहुत पुरानी बात है, एक नगर मे महामारी आने वाली थी।* *उसने नगर के राजा से कहा मैं आ रही हूँ, और 500 लोगो की जान लुंगी। राजा ने नगर में ढिंढोरा पिटवा दिया, हर तरफ महामारी का ज़ोर और दहशत एवं डर का माहौल हो गया।* *जब महामारी जाने लगी राजा ने कहा कि … Read more

हमारे चिकित्सा पुरोधा

*दिवोदास * काशी के राजा दिवोदास आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा में अग्रणी माने जाते हैं। इन्होंने शल्य विज्ञान को बहुत शिष्यों को सिखाया, जिनमें से सुश्रुत ने इस विज्ञान को बहुत आगे बढ़ाया। *सुश्रुत :-* ये एक महान शल्य चिकित्सक थे, इन्होंने शल्य विज्ञान पर महान ग्रन्थ *’ सुश्रुत संहिता ‘* लिखी। इन्होंने शल्य में … Read more

मानवता

एक दिन *मानव* पैदल वापस घर आ रहा था। रास्ते में बिजली के एक खंभे पर एक कागज चिपका दिखा। मोटे अक्षरों में लिखा था – *कृपया पढ़ें !!* फुरसत में था, तो पास जाकर देखा , तो लिखा था, *”इस रास्ते पर मैंने कल एक ₹ 50 का नोट गंवा दिया है। मुझे ठीक … Read more

मंदिर जाने के 36 ठोस वैज्ञानिक फ़ायदे

  👉 मंदिर में कदम रखते ही हमे ईश्वर का भक्ति के अलावा कई चौमुखी लाभ मिलते है जिनका विवरण नीचे की पंक्तियों मे किया गया है। 👉 मंदिर जाने हमारा सुबह ब्रह्म महुर्त में जगने का नियम बनता है और हम उठते ही अपने नित्य कर्म जैसे उषापान, शौच, दन्त धावन, स्नान आदि से … Read more

नास्तिक कैसे होते हैं?

सामान्यतः जो व्यक्ति ईश्वर, परलोक और कर्म फल के नियम पर विश्वास नहीं करता उसे नास्तिक कहा जाता है। जो लोग निरंकुश होकर सिर्फ भौतिकतावाद और अपना सुख और स्वार्थ साधने में लगे रहते हैं , वास्तव में वही नास्तिक होते हैं। ऐसे लोगों की मान्यता एक प्रसिद्ध कहावत से समझी जा सकती है- ”लूटो … Read more

मूर्खता से लबरेज हिंदुस्तानी, हर काल में अपने ही से हारे हैं

एक मित्र जो कुछ वर्षों तक हांगकांग में रहे, *अपना अनुभव बता रहे थे।* वहां करीब एक वर्ष बीतने पर उन्हें लगा कि वहां के लोग उनसे कुछ दूरी बनाए रखते हैं। किसी ने उन्हें अपने घर नहीं बुलाया। उन्हें यह बहुत अखर रहा था, तब आखिर एक करीबी से उन्होंने पूछ ही लिया। थोडी … Read more

आदि शक्ति माता आराधना के ५१ शक्ति पीठ

आदि शक्ति माता आराधना के ५१ शक्ति पीठ माता की आराधना के ५२ शक्ति पीठ, दर्शन मात्र से होती है हर मनोकामना पूरी आमतौर पर ५१ शक्ति पीठ माने जाते हैं। तन्त्र चूड़ामणि में लगभग ५२ शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है । देवी भागवत पुराण में 108, कालिका पुराण में छब्बीस, शिवचरित्र … Read more