तुम उजड़ जाओ…और तुम बसे रहो
सफर में सामने की बर्थ पर एक सरदारजी बैठे थे। सरदारजी से दोस्ती हुई, विभिन्न मुद्दों पर बातें होने लगीं, राजनीति, समाज, राज्य होते हुए बात धर्म तक पहुंची। बातचीत में सरदारजी ने गुरुनानक देव से संबंधित एक रोचक कहानी सुनाई, जो अत्यंत प्रेरणादायी होने के साथ गहरे अर्थों वाली है। कहानी कुछ इस तरह … Read more