जी हाँ ! पत्रकार। बिकाऊ नहीं राष्ट्रवादी – रोहित सरदाना जी को मेरी श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित ये छोटी सी कविता
जाने-माने राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना जी को मेरी श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित ये छोटी सी कविता💐💐🙏🙏 ……………………………………………………. जी हाँ ! पत्रकार। बिकाऊ नहीं राष्ट्रवादी, पूरी तरह से विशुद्ध राष्ट्रवादी। जो डरता नहीं था बल्कि, आँखों में आँखें डालकर। झूठ का पर्दा हटाकर, सच का आईना दिखाता। राष्ट्रवादी कभी मरा नहीं करते, वो तो जिन्दा … Read more