क्या लिखूँॽ कैसे लिखूं ? किस तरह लिखूं?
_सोचता हूँ कि क्या लिखूँॽ कैसे लिखूं ?और फिर किस तरह लिखूं?_ वैसे सोचने को बहुत कुछ है, परन्तु आज के भौतिकता प्रधान युग में भला आदमी अपनी रोजी रोटी के अलावा कुछ कहाँ सोचता हैॽ सोच की सारी परिधि बस रोजी–रोटी, घर गृहस्थी की आवश्यकता, पत्नी बच्चों की नित नयी नयी फरमाइशों में … Read more