हे राम अवध को छोड़ के, वन मत जाओ Lyrics in Hindi
सूरज जैसे ज्योति बिन, तरुवर ज्यूँ फल हीन | राम बिना दसरथ विकल,जैसे जल बिन मीन || मत जाओ, मत जाओ, मत जाओ हे राम अयोध्या छोड़ के, वन मत जाओ रुक जाओ, रुक जाओ,रुक जाओ हे नाथ हमारी, विनती मत ठुकराओ चलत राम लखी अवध अनाथा विकल लोक सब लागे साथा कृपा सिन्धु बहु … Read more