पितृ दिवस #पर पिताजी को समर्पित मेरी कविता

#पितृ दिवस #पर पिताजी को समर्पित मेरी कविता🌹🙏 ……………………………. पिता! उस बूढ़े बरगद के समान होता है। जो हर हाल में अपनी जड़ को, जमीन में जमाए अपनी संतान को पितृत्व की छाया में पल्लवित और पुष्पित करता है। और नित नवीन संस्कारों से आगे बढ़ने की राह दिखाता है। ठीक उसी तरह जैसे एक … Read more

ट्विटर अपने नियम चलाएगा – भारत के कानून नहीं मानेगा

ट्विटर अपने नियम चलाएगा – भारत के कानून नहीं मानेगा, तो फिर दुकान बढ़ा कर जाये – आज ख़बरों के अनुसार ट्विटर के अधिकारी संसदीय समिति के सामने पेश हुए जिसके मुखिया थे शशि थरूर — समिति के सामने, ऐसा कहा गया है कि ट्विटर ने कहा कि वो अपनी कंपनी के नियमों का ही … Read more

पलटीबाज बालक

माँ मुझे जोर से भूख लगी है..खाना क्यों नही दे रही हो ? माँ :- अरे सुबह ही तूने बोला की आज मेरा उपवास है.. मैं कुछ नही खाऊंगा । सुबह की बात छोड़ो.. अब भूख लगी है और सब्जी फिकी मत बनाना , मिर्च तेज कर देना । माँ :- बेटा खाना लग गया … Read more

सुनो तुम……….!!!

( मेरी खुद की चुनिंदा, पसंदीदा कविताओं से एक कविता…. मेरी लिखी हुई) सुनो तुम……….!! तुम्हारे बायें हाथ की हथेली पे मेरे नाम की जो हल्की सी लकीर है…. उसे खुरच कर काश….. अपने साथ ला पाती !! अपने बदन की खुश्बू जो तुम्हारे कमरे में छोड़ आई हूँ- और जिसे दीवारों ने ओढ़ रखा … Read more

पता ही नहीं चला

*पापा की परी* ससुराल जाते ही, सारा काम सीख जाती है l कभी हाथ जला, कभी बाजू जली, कभी उंगली कटी, कभी अंगूठा कटा, कभी पट्टी बांधे, कभी बैंडेड लगाए, कभी सिरप पिए, कभी दवाई खाए, कभी सिर को बांधे, बिना थके, बिना रुके, काम करती जाती । पापा की परी ससुराल जाते ही, सारा … Read more

एक विद्वान साधु

एक विद्वान साधु थे जो दुनियादारी से दूर रहते थे। वह अपनी ईमानदारी,सेवा तथा ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे। एक बार वह पानी के जहाज से लंबी यात्रा पर निकले। उन्होंने यात्रा में खर्च के लिए पर्याप्त धन तथा एक हीरा संभाल के रख लिया । ये हीरा किसी राजा ने उन्हें उनकी ईमानदारी से … Read more

तुम उजड़ जाओ…और तुम बसे रहो

सफर में सामने की बर्थ पर एक सरदारजी बैठे थे। सरदारजी से दोस्ती हुई, विभिन्न मुद्दों पर बातें होने लगीं, राजनीति, समाज, राज्य होते हुए बात धर्म तक पहुंची। बातचीत में सरदारजी ने गुरुनानक देव से संबंधित एक रोचक कहानी सुनाई, जो अत्यंत प्रेरणादायी होने के साथ गहरे अर्थों वाली है। कहानी कुछ इस तरह … Read more

जब दुनिया में आपदा आयी थी तो केन्या ने कुछ नही किया

केन्या के पास मेडिकल ऑक्सीजन नही थी, रेमेडेसिविर इंजेक्शन नही थे … अनाज था … उसने अनाज ही भेज दिया । वजह सिर्फ ये थे कि इस मुश्किल घड़ी में वो भारत के साथ खड़ा रहना चाहता था… ऑक्सीजन नही तो अनाज ही सही । कल को जब इतिहास लिखा जायेगा तो कोई ये तो … Read more

देश की मौजूदा हालत को समर्पित

एक दो बड़े झटकों के साथ तेज रफ़्तार बस रुक गयी सभी यात्री ड्राइवर पर भड़कने लगे ! पर जब पसीना पसीना ड्राइवर ने बताया कि ब्रेक फेल हो गए थे, एक किलोमीटर पहले किसी तरह सँभालते हुए यहाँ पर रोकना ठीक लगा और ……सब बच गए ! तो सब ड्राइवर की भूरी भूरी प्रशंसा … Read more

पहले के दामाद vs अभी के दामाद

पहले के जमाने में दामाद की पूछ परख और स्वागत का तरीका भी अलग ही ढंग का होता था। जब कभी दामाद जी ससुराल जा धमकते, अफरातरफी का माहौल बन जाता था। यदि पूर्व सूचना पर आगमन होता तो क्या कहने। एक दो आदमी स्टेशन आते एक सूटकेस थामता, पहले से तय किये रिक्शे में … Read more