गोलाकार जीवन
एक दार्शनिक, एक तार्किक, एक महापंडित सुबह-सुबह तेल खरीदने तेली की दुकान पर गये। जब तक तेली ने तेल तौला, दार्शनिक , तार्किक और महापंडित विचारक तीनों के मन में यह सवाल उठा, ”उस तेली के पीछे ही कोल्हू में बैल चल रहा है, तेल पेरा जा रहा है। न तो उसे कोई चलाने वाला … Read more